भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC महिला विश्व कप 2025 जीता ।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2 नवंबर 2025 को मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए ICC महिला विश्व कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का ख़िताब अपने नाम किया । यह भारतीय महिला टीम की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है – इससे पहले उन्होंने 2005 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) और 2017 (इंग्लैंड के खिलाफ) के फाइनल हारकर उपविजेता रह चुकी थी। इस ट्रॉफी जीत के साथ महिलाओं के क्रिकेट में भारत का लंबा इंतज़ार ख़त्म हुआ और देश में खुशी की लहर दौड़ गई।
टूर्नामेंट का परिचय और महत्व
ICC महिला विश्व कप 2025 भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से 2 नवंबर तक आयोजित किया गया। आठ टीमों ने राउंड-रॉबिन लीग में सभी के खिलाफ मैच खेलकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। इस टूर्नामेंट में महिला क्रिकेट को मिली प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि हुई है – कुल इनामी राशि ₹13.88 करोड़ (USD 13.88 मिलियन) रखी गई, जो पिछले संस्करण से लगभग तीन गुना अधिक थी।
जैसे ही भारत ने यह खिताब जीता, सभी वर्गों के लोग इसे इतिहास की उपलब्धि बता रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार यह जीत केवल एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के दो दशकों की मेहनत का फल है।
भारत का समूह चरण प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें थीं और भारत – श्रीलंका ने सह-मेजबानी की। ग्रुप चरण में हर टीम अपने सातों विपक्षियों से एक-एक बार भिड़ी। भारत ने ग्रुप चरण में कुल 7 मैच खेले, जिनमें से 3 में जीत, 3 में हार और 1 मैच बारिश की वजह से रद्द रहा, भारत के ग्रुप मुकाबलों की मुख्य रूपरेखा इस प्रकार रही:
1. 30 सितम्बर, भारत vs श्रीलंका (गुवाहाटी) – पहले मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 269/8 (47 ओवर में) का मजबूत स्कोर बनाया। कप्तान अमनजोत कौर ने 57 और दीप्ति शर्मा ने 53 रनों की महत्वपूर्ण पारियाँ खेलीं। लक्षित 271 रनों के जवाब में श्रीलंका की टीम 45.4 ओवर में 211 रन ही बना सकी और बारिश की समयबद्धता के बाद डीएलएस पद्धति से भारत ने यह मुकाबला 59 रनों से जीता। इस जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा।

2. 5 अक्टूबर, भारत vs पाकिस्तान (कोलंबो) – ग्रुप के दूसरे मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने 247/10 (50 ओवर) बनाए और पाकिस्तान को 159/0 (43 ओवर) पर आउट करके 88 रन से जीत हासिल की। इस जीत ने टीम को आत्मविश्वास दिया।

3. 9 अक्टूबर, भारत vs दक्षिणअफ्रीका (विशाखापट्टनम) – तीसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत को 3 विकेट से हराकर चौंकाया । भारत ने 50 ओवर में 10 विकेट पर 251 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने नादिन डे क्लर्क की बेहतरीन 84* (54) गेंदों पर अर्धशतकीय पारी के दम पर 7 विकेट पर 252 रन बना लिए। डे क्लर्क ने साथ ही 2 विकेट भी लिए। यह भारत की पहली हार थी। इस हार के बाद टीम को सिर उठाकर खेलने की सीख मिली।

4. 12 अक्टूबर, भारत vs ऑस्ट्रेलिया (दिल्ली) – ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह मैच बेहद रोमांचक रहा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 330/10 (50 ओवर) बनाए, जिसमें स्मृति मंधाना (80) और प्रतिका रावल (75) ने शतकीय साझेदारी की। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए एलीस हेली (142) की तूफानी पारी के दम पर आखिरी ओवर में जीत हासिल कर ली ऑस्ट्रेलिया ने 331/7 (49.5) बना डाला। इससे भारत को लगातार दूसरी हार मिली। जेमिमा रोड्रिग्स ने आखिरी तीन ओवरों में 127* की पारी खेली, जिसने रिकॉर्ड स्तर की चेज़ पर पानी फेर दिया – वास्तव में यह अब तक का महिला वनडे का सबसे चेज़ था।

5. 19 अक्टूबर, भारत vs इंग्लैंड (इंदौर) – इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला भी बेहद कड़ा रहा। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी कर हीथर नाइट (109) के शतक की बदौलत 288/8 का बड़ा स्कोर बनाया। जवाब में भारतीय टीम ने हिम्मत से संघर्ष किया, कप्तान हरमनप्रीत कौर (70) और स्मृति मंधाना (88) ने अर्धशतक लगाए। अंत में भारत 49.4 ओवर में 284/6 तक पहुंचा, पर चार रन की कमी से हार गया। इस हार के साथ भारत की लगातार तीन हारों (SA, Aus, Eng) का सिलसिला पूरा हुआ। हार के बावजूद टीम ने दिखाया कि वह काबिलियत वाली है।

6. 23 अक्टूबर, भारत vs न्यूजीलैंड (नवीमुंबई) – सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच निर्णायक था। भारतीय बल्लेबाजी ने तहलका मचा दिया: दीप्ति शर्मा ने कप्तान रायल रावल (122) की नाबाद 122 रन की पारी के साथ मिलकर स्मृति मंधाना (109) के साथ पहले विकेट के लिए 212 रन जोड़े (जो किसी भी भारतीय की महिला विश्व कप ओपनिंग साझेदारी में सर्वश्रेष्ठ है)। टीम 49.3 ओवर में 340/3 पर पहुंची, जो भारत का महिला विश्व कप इतिहास में सर्वश्रेष्ठ इनिंग है। न्यूज़ीलैंड ने भी 271/8 (46.2 ओवर) बनाए, लेकिन 53 रन पीछे रह गया। बारिश की वजह से डीएलएस से तय यह मापदण्ड था। भारत ने यह मैच 53 रन से जीतकर सेमीफाइनल में जगह सुनिश्चित की।

7. 26 अक्टूबर, भारत vs बांग्लादेश (नवीमुंबई) – भारत और बांग्लादेश के बीच महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का 28वां और आखिरी लीग मैच नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला गया। मैच में कडक बारिश की वजह से बांग्लादेश (119/9, 27 ओवर) और भारत के बीच मैच नहीं हो पाया। परिणामस्वरूप अंक बांटे गए।

ग्रुप चरण में मिली इन तीन हारों के बावजूद भारत ने अंत तक हार नहीं मानी। टीम प्रबंधन ने हर हार को सीख – समझकर अगली चुनौतियों के लिए टीम को तैयार किया। कप्तान हरमनप्रीत ने कहा कि “उस रात ने हमारे लिए बहुत कुछ बदल दिया… हमने हार को एक अवसर समझा और अपनी कमजोरी पर काम किया”। उल्लेखनीय है कि इस विश्व कप में जीत के बाद यह पहली बार हुआ कि किसी महिला टीम ने तीन हार झेलने के बाद खिताब जीता। पुरुषों में यह रिकॉर्ड केवल पाकिस्तान (1992) और इंग्लैंड (2019) के नाम रहा है।
सेमीफाइनल में जबर्दस्त प्रदर्शन
30 अक्टूबर 2025 को नवी मुंबई में खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने 339 रन का रिकॉर्ड पीछा कर ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया।
जेमिमा रोड्रिग्स ने 127 (134) गेंदों की नाबाद पारी खेली और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 89 रन बनाए। इन दोनों की 167 रनों की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को धुन डाली। ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी में 338 रन पर आउट हुई (फोबे लिचफ़ील्ड 119, एलीस हेली 75 आदि की पारियों के बावजूद)। भारत ने 48.3 ओवर में 5 विकेट पर 341 रन बनाकर यह विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल पीछा दर्ज किया। पारी के अंत में ऑस्ट्रेलिया की बॉलिंग इकाई पर दबाव बढ़ा और आखिरी 20 गेंदों में 67 रन की जरूरत पूरी कर ली गई। इस रिकॉर्ड जीत के बाद सभी की आँखें चमक उठी। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान कोच केली सहित सभी ने रोड्रिग्स के प्रदर्शन की जमकर प्रशंसा की।
फाइनल में ऐतिहासिक जीत
फाइनल में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298/7 का विशाल स्कोर बनाया। टीम के युवा खिलाड़ी शफ़ाली वर्मा ने 87 (63) रनों की धमाकेदार पारी खेली, जो टीम की सर्वोच्च व्यक्तिगत पारियों में से एक रही। उन्होंने अंत में दो महत्वपूर्ण विकेट भी लिए। दीप्ति शर्मा ने 58 (80) रन बनाकर पारी को मजबूती दी और 5 विकेट लेकर गेंद से भी धमाल मचाया। भारत ने प्राची सार्थक बल्लेबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से मात दी और ख़िताब अपने नाम किया।
दक्षिण अफ्रीका की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए लारा वोलवर्ड्ट की 101 (133) रनों की पारी के दम पर बाउंसर शुरुआत की, लेकिन भारत के तेज गेंदबाजों और सहायक खिलाड़ी शफ़ाली ने मिलकर मध्यक्रम में क्लोज किया। अंतिम ओवरों में भारतीय टीम ने संभलकर गेंदबाजी की और डीवाई पाटिल स्टेडियम में खचाखच भरे दर्शकों के सामने इतिहास रच दिया।
फाइनल के बाद कप्तान स्मृति मंधाना भावुक हो उठीं: “इस जीत का अहसास अभी तक हो नहीं रहा। मैंने मैदान पर कभी इतनी भावुकता महसूस नहीं की, यह एक अविश्वसनीय रात है। पिछली विश्व कप हारे वाली हारें दिल में बसी रही थीं, लेकिन हमें देश-टीम की उम्मीदों पर खरा उतरना था।” उन्होंने कहा कि अब उन पर यह जिम्मेदारी है कि भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर ले जाएं।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लारा वोलवर्ड्ट ने भी हार के बाद कहा कि पूरा स्टेडियम भारतीय दर्शकों से भरा हुआ था, जो दबाव डालता दिखता है, लेकिन उसके बावजूद यह रोमांचक फाइनल था। उन्होंने कहा, “हर मैच शून्य से शुरू होता है और नॉकआउट मुकाबले अलग तरह के होते हैं। इस तरह खास चीजें हो सकती हैं, जैसे जेमिमा ने कल रात किया।”
ऐतिहासिक संदर्भ और प्रभाव
भारत अब विश्व कप विजेता महिला टीमों की सूची में प्रवेश कर चुका है – ऑस्ट्रेलिया (7 बार विजेता), इंग्लैंड (4 बार), न्यूजीलैंड (1), और अब भारत (2025)। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर है। टीम की स्टार खिलाड़ी मंधाना ने अब 2025 में सर्वाधिक ODI रन (1259) बनाकर अपना व्यक्तिगत कीर्तिमान भी बनाया है, और रावल ने मात्र 23 पारियों में 1000 रन पूरे कर लिए – यह रिकॉर्ड उन्होंने 1988 की लिंडसे रीलर के बराबर रखा।
दीप्ति शर्मा ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 22 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का सम्मान भी जीता । उनका यह प्रदर्शन विश्व कप इतिहास में बेहतरीन माना जाएगा, चूंकि केवल Lyn Fullston (1982 में 23 विकेट) की बराबरी उनके रिकॉर्ड से रही।
उल्लेखनीय रिकॉर्ड्स: भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 340/3 बनाकर स्वयं का सबसे बड़ा विश्व कप स्कोर बनाया। मंधाना और रावल की 212 रनों की शुरुआत किसी भारतीय महिला विश्व कप में सर्वाधिक साझेदारी है। सेमीफाइनल में रोड्रिग्स की 127* पारी सबसे बड़ी नॉकआउट चेज़ में शामिल है। फाइनल में शफ़ाली वर्मा की पारी (87) और ली गई विकेट मिली-जुली यादें बन गईं, तथा रावल विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गईं।

उद्धरण
टीम का आत्मविश्वास और विजयी भावना खिलाड़ी और कोच के बयानों में झलकती है। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, “हमने इस बाधा को तोड़ दिया है, अब हमें जीत की आदत डालनी होगी। यह तो बस शुरुआत है ।” सेमीफाइनल में 127 रनों की पारी खेलने वाली जेमिमा रोड्रिग्स ने भी कहा कि वह मनोवैज्ञानिक रूप से पहले से तैयार थीं और टीम का संकल्प लाजवाब था।
टीम की बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना ने फाइनल के बाद भावुक होकर कहा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि हम चैंपियन हैं। यह एहसास अभी तक उतर नहीं पाया… पिछले दर्दनाक हारों को पीछे छोड़ हमने अपनी जिम्मेदारी समझी और यह इमोशनल रात खेली।”
पूर्व कप्तान और कोच अमोल मजूमदार ने टीम की तारीफ़ करते हुए कहा, “यह टीम प्रतिभाशाली है और इन खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की है। यह भारतीय क्रिकेट का एक वॉटरशेड मोमेंट है (महत्वपूर्ण परिवर्तन)।”
दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लारा वोलवर्ड्ट ने भी हार के बाद सम्मान व्यक्त किया: “भारत पर पूरा स्टेडियम था, लेकिन उन्होंने अपना दबाव संभाला। हमें भविष्य के लिए इस अनुभव से सीख लेकर और मजबूत बनना है।” उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने इस मैच में पीछे-पिछे रहने के बावजूद अंतिम छह ओवरों में धैर्य से जीत दर्ज की।
निष्कर्ष
भारतीय महिला टीम की यह जीत सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं के खेल में विश्वास और प्रतिस्पर्धा का प्रतीक बन गई है। वर्ष 2025 की महिला विश्व कप ट्रॉफी ने देश में महिला क्रिकेट के प्रति रुचि को नए आयाम दिए हैं। युवा खिलाड़ियों की नियुक्ति (जैसे फाइनल से पहले शफ़ाली का ड्रेस में शामिल होना) और अनुभवी खिलाड़ियों का संयोजन (मंधाना, हरमनप्रीत, शनि) बेमिसाल रहा।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि से यह संदेश गया है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब विश्वस्तर पर नहीं रुक रही। अगले वर्षों में इससे आगे की उपलब्धियों की उम्मीद जग गई है। इस जीत से देश के क्रिकेट विकास में बड़ा परिवर्तन आएगा – नए बालिका खिलाड़ी प्रेरित होंगी और घरेलू प्रतियोगिताएँ मजबूत होंगी। भारतीय महिला टीम ने साबित कर दिया है कि वे अब भी “जीत की एक नई आदत” बना सकती हैं।


