Tuesday, February 3, 2026
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दिलों का बादशाह 60 के हुए: किंग का जश्न शुरू, शाहरुख खान की 9 फिल्में जो हर फैन को देखनी चाहिए

जब बात मोहब्बत की होती है, तो लफ़्ज़ अपने आप ‘शाहरुख़ खान’ का नाम तलाशने लगते हैं। जब बात सपनों की होती है, तो स्क्रीन पर उनका चेहरा चमकने लगता है। जब बात स्टारडम की होती है, तो भीड़ खुद ही चीख उठती है — “किंग खान !” आज भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में लाखों दिलों पर राज करने वाले सुपरस्टार शाहरुख खान अपना 60वां जन्मदिन मना रहे हैं। लोग उन्हें प्यार से किंग खान, बादशाह और रोमांस किंग कहते हैं। शाहरुख का जन्म 2 नवंबर 1965 को दिल्ली में हुआ था, दिल्ली में जन्मे शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन धारावाहिकों से की थी, और फिर 1992 में फ़िल्म ‘दीवाना’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा। धीरे-धीरे अपनी गजब की प्रतिभा, स्क्रीन पर जादुई उपस्थिति और सच्ची मेहनत के दम पर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई, उसके बाद जो सफर शुरू हुआ, उसने बॉलीवुड की परिभाषा ही बदल दी।

शाहरुख सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि भावनाओं की परिभाषा हैं। उनका संवाद बोलने का अंदाज़, स्क्रीन पर मौजूदगी, रोमांस का जादू, और हाज़िरजवाबी – सब मिलकर उन्हें एक ऐसा सितारा बनाते हैं जिन जैसा कोई दूसरा नहीं। फैन्स उनकी सादगी, हाज़िरजवाबी और दरियादिली के दीवाने हैं, और उनकी यादगार फिल्मों के किरदार आज भी लाखों दिलों पर राज करते हैं। हर साल शाहरुख खान ‘मन्नत’ (उनके मुंबई वाले आवास) की बालकनी पर आकर अपने फैन्स को हाथ हिलाते हैं; हजारों लोग दूर-दूर से उनके दीदार के लिए ‘मन्नत’ के बाहर इकट्ठा होते हैं, यह प्यार, यह दीवानगी – बस शाहरुख खान ही कमा सकते हैं।

इस वर्ष सुरक्षा कारणों से शाहरुख ने सीधे मिलना टालते हुए ट्विटर पर “भीड़ नियंत्रण” का हवाला देते हुए सभी से माफी मांगी है।

वहीं, अपने जन्मदिन के मौके पर डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने ‘King’ फिल्म का टीज़र जारी किया, जिसमें शाहरुख एक नए, खतरनाक अवतार में दिखे। इस टीज़र ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और फैंस ने इसे भव्य वापसी कहा ।

सुपरहिट फिल्में


  1. दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे (1995) – यह रोमांटिक क्लासिक फिल्म शाहरुख खान को ‘किंग ऑफ रोमांस’ का ताज पहनाने वाली थी । फिल्म में शाहरूख (राज) और काजोल (सिमरन) की लव स्टोरी ने भारत में नयी फिल्मों का ट्रेंड ही बदल दिया था। फिल्म का वह ट्रेन वाला दृश्य जो कहते हैं, “बड़े-बड़े देशों में…” संवाद के साथ, आज भी अनगिनत दर्शकों के जेहन में बसा है। DDLJ ने शाहरुख को रोमांस का बादशाह बना दिया, और यह फिल्म हर नई पीढ़ी के सिनेप्रेमी के लिए अवश्य देखनी चाहिए।

2. कुछ कुछ होता है (1998) – करण जौहर के निर्देशन में बनी यह फिल्म कॉलेज फ्रेंडशिप से शुरू होकर एक बेमिसाल प्रेम कहानी में बदल जाती है। शाहरूख ने पहले एक बदमिजाज़ प्लेबॉय (राहुल) का और फिर दूसरी हिरोइन के लिए पिता बनने वाला किरदार निभाया। इस फिल्म ने भी उन्हें ‘रोमांस का बादशाह’ की उपाधि पक्का करने में मदद की। काजोल-शाहरूख और रानी मुखर्जी की जोड़ी की केमिस्ट्री ने शादी, दोस्ती और मोहब्बत पर कई यादगार संवाद दिए, जिन्हें जब भी सुना जाता है दिल झूम उठता है।


3. चक दे! इंडिया (2007) – इस खेल-आधारित फिल्म में शाहरुख ने राष्ट्रीय हॉकी टीम के कोच का किरदार निभाया। उन्होंने धर्म और मज़हब को बीच छोड़कर टीम को जश्न की राह दिखायी और भारत को हॉकी में विश्व विजेता बनाया। फिल्म ने देशभक्ति की भावना को नई उड़ान दी और संदेश दिया कि “हौंसले बड़ो जाबां से”। शाहरूख के प्रेरणादायक अभिनय ने ‘चक दे इंडिया’ को हर घर में चटखारे लेकर देखा जाने वाला फिल्म बना दिया।


4. स्वदेश (2004) – इस देशभक्ति नाटक में शाहरुख एक NASA वैज्ञानिक की भूमिका में हैं, जो अमेरिका की शानदार नौकरी छोड़कर भारत के एक गांव की प्रगति के लिए लौट आता है। उन्होंने हिंदी फिल्म में पहली बार आधुनिक विज्ञान और ग्रामीण भारत के मेल का रोल निभाया। शाहरुख ने विदेश की आरामदायक नौकरी छोड़कर अपने गांव को तरक्की की राह पर दौड़ाने वाला किरदार अदा किया। उनकी इस किरदार की वजह से फिल्म ने लोगों में अपने देश से प्रेम करने की भावना जगाई।


5. वीर – ज़ारा (2004) – यह प्रेम-कथा भारत-पाकिस्तान के बीच की गई बलिदानी मोहब्बत को दर्शाती है। शाहरुख ने पाकिस्तानी वायुसेना के ऑफिसर वीर (और बाद में भारत में गवर्नर) की भूमिका निभाई, जिन्होंने लाहौर की एक लड़की (ज़ारा, प्रीति जैन) से प्यार किया। फिल्म में प्रेम, देशभक्ति और त्याग की गहरी भावनाएँ दिखायी गयीं। शाहरुख और प्रीति की जोड़ी ने प्रेम की गहराई पर पर्दे पर छाप छोड़ी, यह दर्शाते हुए कि उनका रोमांटिक अंदाज कितना असरदार है।


6. कल हो ना हो (2003) – करण जौहर की यह फ़िल्म एक अनोखे प्रेम त्रिकोण की कहानी है जिसमें शाहरुख ने करुण बीमारी से जूझते प्रेमी (अमन) का किरदार निभाया। अमन अपनी दोस्त (जिया, प्रीति जैन) को उसकी प्रेम कहानी में मदद करता है, और खुद अपना प्यार दबा लेता है ताकि जिया के साथ उसका प्रिय (रोहित) खुश रहे। शाहरुख का इस किरदार में दमदार अभिनय काबिले तारीफ रहा, उन्होंने अपने किरदार को संवेदनशील और प्रेरणादायक दोनों बनाया। फिल्म के इनोवेटिव ट्विस्ट और दिल छू लेने वाले डायलॉग्स ने इसे दर्शकों की चहेती बना दिया।


7. माय नेम इज़ खान (2010) – अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य वाली यह फिल्म 9/11 के बाद के भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में बनी है। शाहरुख ने एक ऑटिस्टिक बेटे (रिजवान) का किरदार निभाया, जो बुरी संतानवादिता और सांप्रदायिक डर के माहौल में अपनी पहचान साबित करना चाहता है। उन्होंने अपने किरदार में शांति और मजबूती दोनों का अनूठा मेल दिखाया। इस फिल्म ने उनकी गंभीर अभिनय प्रतिभा को सबके सामने रखा और आलोचकों व दर्शकों का ध्यान खींचा।


7. पठान (2023) – अमिताभ बच्चन के साथ शाहरुख की वापसी ‘पठान’ एक हाई-ऑक्टेन जासूसी-एक्शन फिल्म थी। यहां वे भारतीय जासूसी एजेंसी (RAW) के एक एजेंट बने, जिसने दुश्मनों को सबक सिखाया। ‘पठान’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही और शाहरुख ने फिर से अपना जादू दिखाया। यह फिल्म नई पीढ़ी के लिए उनके दमदार एक्शन अवतार का परिचय रही।


9. जवान (2023) – रोहित शेट्टी निर्देशित यह एक्शन फिल्म भी बहुत सफल रही, जिसमें शाहरुख ने दोहरी भूमिकाएँ निभाईं। ‘जवान’ में उनकी ऊर्जा और देशभक्ति ने दर्शकों को लुभाया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इसे देखने के लिए दर्शकों ने लाइन लगाई। शाहरुख को इस फ़िल्म के लिए नेशनल फ़िल्म अवार्ड भी मिला, जो उनके करियर की एक और उपलब्धि है।


आने वाली फ़िल्म — “KING”

और अब… फैंस जिस पल का इंतज़ार कर रहे हैं — शाहरुख़ की आने वाली फिल्म ‘King’। टीज़र में उनका एक खतरनाक, शांत, और रहस्यमयी लुक दिखाई दिया —
जिसे देखकर फैंस ने एक ही बात कही: “ये आग फिर से जल उठी है।” यह फिल्म एक थ्रिलर, ड्रामा और इमोशन का नया संगम होगी। और यह यकीन है — किंग फिर से खेल बदलने आ रहा है।



शाहरुख खान की यह फ़िल्मी यात्रा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रेरणा से भरी है। उन्होंने खुद कहा है कि “दुनिया में बस एक ही धर्म है – मेहनत”, और यही जज़्बा आज भी उनके चाहने वालों को प्रेरित करता है। वे मानते हैं कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वे अपनी मौजूदगी से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें । सचमुच, उनकी फिल्मों और किरदारों ने करोड़ों दिलों को हंसाया, रोने पर मजबूर किया और बड़े सपने देखने की हिम्मत दी। शाहरुख के संघर्ष, जुनून और आदर्श लोगों को यह सिखाते हैं कि कठिन परिश्रम और सच्चे दिल से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। इस जन्मदिन पर हम न सिर्फ ‘किंग खान’ की फिल्मों का जश्न मना रहे हैं, बल्कि उस उम्मीद और जूनून का भी जश्न मना रहे हैं जो उन्होंने हमें दिया है। उनकी अदाकारी और मेहनत ने साबित किया है कि अगर जुनून हो तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती – और यही शाहरुख की सबसे बड़ी विरासत है

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