भोजपुरी इंडस्ट्री इन दिनों फिर सुर्खियों में है। सुपरस्टार पवन सिंह पर लगे छेड़छाड़केआरोप और हरियाणवी डांसर-एक्ट्रेस अंजलि राघव की प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी है। अब इस विवाद में सपना चौधरी की एंट्री ने मामला और गर्मा दिया — और अंजलि का जवाब तो जैसे सीधे दिल पर लगा !
विवाद की जड़ क्या है?
अंजलि राघव ने हाल ही में आरोप लगाया कि एक स्टेज इवेंट के दौरान भोजपुरी एक्टर-सिंगर पवन सिंह ने उनके साथ अशोभनीयहरकत की।
शुरुआत में अंजलि ने इसे “मजाक” समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया, लेकिन बाद में उन्होंने खुलकर आवाज़ उठाई “किसी भी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, और यूज़र्स ने जमकर अपनी राय दी — किसी ने अंजलि का समर्थन किया, तो किसी ने इसे “पब्लिसिटीस्टंट” बताया।
सपना चौधरी की टिप्पणी
हरियाणवी डांस क्वीन सपना चौधरी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा — “अगर ऐसा हुआ ही था तो उसी वक्त ‘ना’ कह देना चाहिए था, बाद में बात करने से क्या फायदा? ”उनका ये बयान आग में घी डालने जैसा साबित हुआ।
अंजलि राघव का सैवेज रिप्लाई
अंजलि ने सपना को जवाब देते हुए कहा — “शायद सपना ने पूरा वीडियो नहीं देखा होगा। किसी स्थिति में डर या शॉक में इंसान तुरंत रिएक्ट नहीं कर पाता। उस वक्त मैं हैरान थी।”उन्होंने आगे कहा —“जब सामने वाला इतना बड़ा नाम हो और पूरी भीड़ उसके फेवर में चिल्ला रही हो, तब बोलना आसान नहीं होता।”अंजलि का ये बयान वायरल होते ही लोग दो खेमों में बंट गए — एक तरफ ‘सपना सही कह रही हैं’ वाला वर्ग, और दूसरी तरफ ‘अंजलि की हिम्मत को सलाम’ करने वाले फैंस।
सोशल मीडिया पर बवाल
इंस्टाग्राम पर #AnjaliRaghav ट्रेंड करने लगा। X (Twitter) पर कई यूज़र्स ने लिखा — “सपना से ऐसी उम्मीद नहीं थी!” वहीं कुछ ने कहा — “पवन सिंह की इमेज पर बार–बार उंगली उठाना सही नहीं।”
इंडस्ट्री में मिली-जुली प्रतिक्रिया
भोजपुरी और हरियाणवी सिनेमा से जुड़े कई कलाकारों ने ‘महिलाओं की सुरक्षा’ को लेकर गंभीर चर्चा शुरू की है।
एक्ट्रेस ने कहा —“ये मामला सिर्फ पवन सिंह या अंजलि का नहीं है, ये हर उस महिला की कहानी है जो डर के कारण चुप रह जाती है।”
निष्कर्ष
जहां एक तरफ यह विवाद ग्लैमरवर्ल्ड केअंधेरे पहलू को उजागर करता है, वहीं यह भी दिखाता है कि सोशल मीडिया अब हर आवाज़ को मंच दे रहा है।
अंजलि का यह कहना कि — “मैंने देर से बोला, लेकिन सच बोला” — कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है।
लेखक की राय
यह मामला सिर्फ “कौन सही, कौन गलत” का नहीं है — बल्कि “कब बोलना चाहिए” की बहस को जन्म दे चुका है।
सवाल यह है कि क्या समाज अब भी महिला की आवाज़ पर शक करता रहेगा?

